... खबर पत्रवार्ता : शिवमहापुराण कथा में करुणामय हुए विजय आदित्य सिंह जूदेव,विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं के साथ सुनी कथा,तीसरे दिन की कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया जीवन में करूणा का महत्व।

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खबर पत्रवार्ता : शिवमहापुराण कथा में करुणामय हुए विजय आदित्य सिंह जूदेव,विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं के साथ सुनी कथा,तीसरे दिन की कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया जीवन में करूणा का महत्व।

 


जशपुर,टीम पत्रवार्ता,23 मार्च 2025 

जशपुर के मधेश्वर महादेव के छांव तले मयाली में चल रहे शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा के जीवन में करुणा के महत्व को बताया।जिसे चरितार्थ करते हुए राज परिवार के युवा सदस्य विजय आदित्य सिंह जूदेव विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा सदस्यों के साथ कथा श्रवण करते नजर आए।पहाड़ी कोरवा विजय आदित्य को अपने बीच पाकर खुश दिखे।कथा के मर्म को आंचलिक भाषा में वे पहाड़ी कोरवाओं को समझाते गए।जिससे पहाड़ी कोरवा अभिभूत हो गए।

पहाड़ी कोरवा समाज से प्रतिनिधियों को कथा संपन्न होने पर होने वाली आरती में शामिल होने के लिए व्यासपीठ में भी आमंत्रित किया गया। अपने इष्ट भगवान शिव की कथा सुनकर पहाड़ी कोरवा अभिभूत हुए। 

कथा वाचन करते हुए प्रख्यात कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार वर्षा होने पर छाता,पानी में खड़े रहने का संबल प्रदान करता है,उसी प्रकार कठिन समय में भगवान शिव की भक्ति और स्तुति परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए बाहर निकलने का साहस प्रदान करता है। 

उन्होनें दया का महत्व बताते हुए कहा कि लोग सोचते हैं कि किसी पर दया या करूणा करने से दुख मिलता है। ऐसी सोच रखना नादानी है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की कथा का उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान शिव ने स्वयं विष पान करके देवताओं को अमृत पीने के लिए दे दिया था। इस पर जब माता पार्वती ने इस शिव लीला के गूढ़ रहस्य के बारे में भगवान शिव से पूछा तो उन्होनें बताया कि देवता अमृत पीकर भी अमरत्व को प्राप्त नहीं कर पाएंगे और मैं विष पी कर भी अमर हो जाऊंगा।शिव जगत कल्याण और देवताओं को विष के असर से बचाने के लिए विष पान कर किए है। 

उन्होनें पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्वालुओं को जीवन में दया व करूणा करने के लिए प्रेरित करते हुए शिव महापुराण में वर्णित एक अन्य कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान शिव ने माता सती के हवन कुंड में भस्म होने के बाद क्रोधित हो कर माता सती के पिता दक्ष का सिर काट दिया था। फिर उसे बाद में जोड़ कर,भगवान शिव ने दक्ष को जीवन दान दे दिया था। 

भगवान शिव ने दक्ष पर यह करूणा जगत कल्याण के लिए किये जा रहे हवन को पूर्ण करने के लिए किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि भारत भूमि में हम सब जो आज भगवा लहराते हुए देख रहें हैं,यह सब प्रधानमंत्री मोदी के कारण हो रहा है। 

सांसद राधेश्याम राठिया, राज्य महिला आयोग की सदस्य  प्रियम्वदा सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय और उनके परिवार के अन्य सदस्यों सहित बड़ी संख्या में भक्तगणों ने कथा स्थल आकर शिव महापुराण कथा का श्रवण किया।

पहाड़ी कोरवा पहुंचे कथा स्थल 

शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन विजय आदित्य सिंह जूदेव की पहल पर विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा कथा सुनने के लिए मयाली पहुंचे थे। 

पटिया से आए पहाड़ी कोरवा रोहन राम ने कथा का अनुभव साझा करते हुए बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कथा सुनाई,उससे उनके दिल व दिमाग में भगवान शिव और सनातन धर्म के प्रति श्रद्वा और मजबूत हुई है। रोहन राम ग्राम पंचायत अलोरी पटिया के सरपंच हैं। उनके साथ आए जतरू राम,खोरतो राम और सोहराई राम ने बताया कि शिव कथा में उन्हें जो भी ज्ञान का प्रसाद मिला है,उसे वह अपने गांव के लोगो को अवश्य बताएंगें। कथा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के लिए पहाड़ी कोरवाओं ने विजय आदित्य सिंह जूदेव का आभार जताया है।

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